भारत-जापान शिखर सम्मेलन 2026: पूर्वोत्तर भारत में उद्योगों को बढ़ावा देंगे भारत और जापान, पीयूष गोयल का बड़ा ऐलान
भारत और जापान के बीच आयोजित 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन 2026 में दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग, निवेश, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ऊर्जा, रक्षा और पूर्वोत्तर भारत के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और जापान मिलकर पूर्वोत्तर भारत को औद्योगिक और निवेश का नया केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
पूर्वोत्तर भारत पर विशेष फोकस
पीयूष गोयल ने कहा कि जापान भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का महत्वपूर्ण साझेदार है। दोनों देश पूर्वोत्तर राज्यों में औद्योगिक गलियारे (Industrial Value Chain), मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, स्किल डेवलपमेंट और निवेश को बढ़ाने के लिए मिलकर कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार है और यहां उद्योगों के विकास से रोजगार, निर्यात और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
AI, ऊर्जा और सेमीकंडक्टर में बढ़ेगा सहयोग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के बीच हुई वार्ता के बाद दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में सहयोग
- सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत करना
- महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) पर साझेदारी
- ऊर्जा सुरक्षा और ग्रीन एनर्जी
- धातु (Metals) क्षेत्र में सहयोग
- आर्थिक सुरक्षा (Economic Security Roadmap)
- रक्षा क्षेत्र में पहला संयुक्त सह-विकास (Co-development) प्रोजेक्ट
दोनों नेताओं ने कहा कि जापान की उन्नत तकनीक और भारत की डिजिटल क्षमता मिलकर वैश्विक स्तर पर नई संभावनाएं पैदा करेंगी।
भारत में जापानी निवेश को मिलेगा बढ़ावा
सम्मेलन के दौरान जापान ने भारत में निवेश बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। जापानी कंपनियां पहले से ही भारत के बुनियादी ढांचे, हाई-स्पीड रेल, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण क्षेत्रों में निवेश कर रही हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
- वर्ष 2025-26 में भारत-जापान द्विपक्षीय व्यापार लगभग 27.5 अरब डॉलर रहा।
- अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया।
- भारत में 1,400 से अधिक जापानी कंपनियां कार्यरत हैं।
1000 बायोगैस संयंत्र लगाने की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि भारत-जापान बायोगैस पहल के तहत देशभर में 1,000 बायोगैस एवं ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इससे हरित ऊर्जा, स्वच्छ ईंधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी
भारत और जापान ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और मुक्त व्यापार व्यवस्था को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों देश क्वाड (Quad) समूह के सदस्य हैं और समुद्री सुरक्षा, रक्षा तकनीक तथा आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत करने पर भी सहमत हुए।
| वर्ष | शिखर सम्मेलन | मेजबान | प्रमुख नेता | मुख्य परिणाम |
|---|---|---|---|---|
| 2026 | 16वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन | नई दिल्ली, भारत | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची | AI, सेमीकंडक्टर, रक्षा सह-विकास, ऊर्जा, आर्थिक सुरक्षा रोडमैप, पूर्वोत्तर भारत में निवेश, 1000 बायोगैस प्लांट की घोषणा। |
| 2025 | 15वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन | टोक्यो, जापान | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा | निवेश, नवाचार, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, मोबिलिटी, राज्य-प्रान्त सहयोग और इंडो-पैसिफिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति। |
| 2024 | 14वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन | आयोजित नहीं हुआ | — | दोनों देशों के चुनावी कार्यक्रमों और व्यस्तताओं के कारण वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित नहीं हो सका। |
| 2023 | 13वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन | नई दिल्ली, भारत | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा | जापान ने भारत में अगले पाँच वर्षों में 5 ट्रिलियन येन निवेश का लक्ष्य दोहराया, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक सहयोग पर जोर। |
| 2022 | 12वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन | नई दिल्ली, भारत | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा | आर्थिक साझेदारी, रक्षा सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain), हरित विकास और 5 ट्रिलियन येन निवेश योजना की घोषणा। |
