भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई तकनीकों पर काम किया जा रहा है। इसी दिशा में Indian Institute of Technology Gandhinagar (IITGN) के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी स्मार्ट चार्जिंग तकनीक विकसित की है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों को तेजी से चार्ज करने के साथ-साथ उनकी उम्र भी बढ़ाने में मदद करेगी।
शोधकर्ताओं के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियों की सबसे बड़ी समस्या “लिथियम प्लेटिंग” है। यह समस्या तब उत्पन्न होती है जब बैटरी को बहुत तेज गति से चार्ज किया जाता है, कम तापमान में चार्ज किया जाता है या लंबे समय तक उच्च चार्ज स्तर पर रखा जाता है। इसके कारण बैटरी की क्षमता कम होने लगती है और सुरक्षा जोखिम भी बढ़ सकते हैं।
इस चुनौती से निपटने के लिए IIT गांधीनगर की टीम ने एक अनुकूलनशील (Adaptive) पांच-स्तरीय मल्टी-स्टेप कॉन्स्टेंट करंट (MSCC) चार्जिंग रणनीति विकसित की है। यह तकनीक हर बार चार्जिंग शुरू होने से पहले बैटरी की वास्तविक स्थिति, उसकी उम्र और आसपास के तापमान का विश्लेषण करती है। इसके बाद चार्जिंग करंट को स्वतः समायोजित किया जाता है ताकि बैटरी को नुकसान पहुंचाने वाली परिस्थितियों से बचा जा सके।
इस नई प्रणाली की खासियत यह है कि यह बैटरी के भीतर होने वाले सूक्ष्म परिवर्तनों की निगरानी करती है और जैसे ही लिथियम प्लेटिंग का खतरा बढ़ता है, चार्जिंग करंट को सुरक्षित स्तर तक कम कर देती है। इससे बैटरी की सुरक्षा और प्रदर्शन दोनों बेहतर बने रहते हैं।
शोध के दौरान इस तकनीक का परीक्षण व्यावसायिक लिथियम-आयन सेल्स पर विभिन्न तापमानों और अलग-अलग बैटरी स्वास्थ्य स्थितियों में किया गया। परिणामों में पाया गया कि नई चार्जिंग रणनीति ने चार्ज क्षमता उपयोग में लगभग 10.65 प्रतिशत तथा चार्जिंग दक्षता में 0.55 प्रतिशत तक सुधार किया। साथ ही यह तकनीक विभिन्न परिस्थितियों में लिथियम प्लेटिंग को प्रभावी रूप से नियंत्रित करने में सफल रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इससे बैटरियों की आयु बढ़ेगी, वाहन मालिकों की रखरखाव लागत कम होगी और देश में स्वच्छ एवं टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। भविष्य में इस तकनीक को बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) में शामिल कर बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
मुख्य बातें:
- IIT गांधीनगर ने विकसित की स्मार्ट EV चार्जिंग तकनीक।
- बैटरी की उम्र कम करने वाली “लिथियम प्लेटिंग” समस्या पर नियंत्रण।
- 10.65% तक बेहतर चार्ज क्षमता उपयोग।
- विभिन्न तापमानों में सुरक्षित और प्रभावी चार्जिंग।
- भारत के EV इकोसिस्टम को मिलेगा बड़ा लाभ।
