Pinjore Mango Mela 2026: 10-12 July | Yadavindra Garden Mango Festival

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33वां पिंजौर मैंगो मेला 2026

  • तिथि: 10 जुलाई से 12 जुलाई 2026
  • स्थान: Yadavindra Gardens (पिंजौर गार्डन)
  • आयोजक: हरियाणा पर्यटन एवं बागवानी विभाग
  • मुख्य आकर्षण:
    • देशभर के किसानों द्वारा सैकड़ों किस्मों के आमों की प्रदर्शनी
    • मैंगो प्रतियोगिताएँ
    • स्कूल विद्यार्थियों की प्रतियोगिताएँ
    • सांस्कृतिक कार्यक्रम
    • क्राफ्ट बाजार
    • फूड कोर्ट
    • शाम के लाइव म्यूजिकल कार्यक्रम

2025 के 32वें मैंगो मेले की मुख्य बातें

2025 का 32वां मैंगो मेला 4 से 6 जुलाई तक आयोजित हुआ था। इसकी प्रमुख विशेषताएँ थीं:

  • भारत के विभिन्न राज्यों से हजारों किस्मों के आमों की प्रदर्शनी।
  • किसानों के लिए सर्वश्रेष्ठ आम प्रतियोगिता
  • आम से बने उत्पादों (अचार, जैम, जूस, स्क्वैश, पल्प आदि) की प्रदर्शनी।
  • बच्चों के लिए ड्राइंग, रंगोली, क्विज़, पोस्टर मेकिंग जैसी प्रतियोगिताएँ।
  • हरियाणवी, पंजाबी और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ।
  • स्थानीय हस्तशिल्प और स्वादिष्ट व्यंजनों का फूड कोर्ट।

पिंजौर गार्डन (यादविन्द्र गार्डन) क्यों प्रसिद्ध है?

पिंजौर गार्डन उत्तर भारत के सबसे सुंदर मुगल उद्यानों में गिना जाता है। इसकी खास बातें हैं—

1. 17वीं शताब्दी का ऐतिहासिक मुगल गार्डन

इसे लगभग 17वीं शताब्दी में मुगल शासक औरंगज़ेब के समय के प्रसिद्ध वास्तुकार Fidai Khan Koka ने बनवाया था। बाद में पटियाला रियासत ने इसका संरक्षण और विकास किया।

2. सात सीढ़ीनुमा (Seven-Terraced) बगीचा

दुनिया के अधिकांश मुगल बाग ऊपर की ओर बनते हैं, जबकि पिंजौर गार्डन की सबसे बड़ी विशेषता है कि इसके सात टैरेस नीचे की ओर उतरते हैं, जिससे इसका दृश्य बेहद आकर्षक लगता है।

3. शानदार महल और फव्वारे

यहाँ स्थित प्रमुख आकर्षण हैं:

  • शीश महल
  • रंग महल
  • जल महल
  • हवा महल
  • संगीतमय फव्वारे
  • हरियाली और फूलों की क्यारियाँ

4. रात्रि की रोशनी

शाम के समय पूरा गार्डन रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठता है, जो इसे पर्यटकों के लिए बेहद आकर्षक बनाता है।

5. प्रमुख पर्यटन स्थल

यह गार्डन चंडीगढ़ से लगभग 22 किमी दूर स्थित है और हर वर्ष लाखों पर्यटक यहाँ घूमने आते हैं। यहाँ मैंगो मेला, बैसाखी उत्सव और हेरिटेज फेस्टिवल जैसे आयोजन भी होते हैं।

पिंजौर गार्डन का इतिहास

  • लगभग 17वीं शताब्दी में इसका निर्माण फिदाई खान कोका ने कराया।
  • बाद में यह बाग कुछ समय तक उपेक्षित रहा।
  • 1775 के आसपास यह पटियाला रियासत के अधीन आया, जहाँ इसके सौंदर्यीकरण और पुनर्निर्माण का कार्य हुआ।
  • हरियाणा राज्य बनने के बाद इसका प्रबंधन हरियाणा पर्यटन को सौंपा गया।
  • आज इसे यादविन्द्र गार्डन के नाम से भी जाना जाता है, जिसका नाम पटियाला के महाराजा Yadavindra Singh के सम्मान में रखा गया।

रोचक तथ्य

  • यहाँ 1992 से हर वर्ष मैंगो मेला आयोजित किया जा रहा है।
  • इस मेले में भारत के अलावा कई राज्यों के किसान अपनी बेहतरीन आम की किस्में लेकर आते हैं।
  • यहाँ अल्फांसो, दशहरी, चौसा, लंगड़ा, अम्रपाली, तोतापुरी, रतौल जैसी लोकप्रिय किस्में देखने को मिलती हैं।

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