हरियाणा सरकार ने राज्य महिला आयोग में नई नियुक्तियों की घोषणा करते हुए उषा प्रियदर्शनी को आयोग का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है। यह नियुक्ति पूर्व अध्यक्ष रेणु भाटिया के इस्तीफे के बाद की गई है। सरकार ने आयोग में एक उपाध्यक्ष और पांच सदस्यों की भी नियुक्ति की है।
कौन हैं उषा प्रियदर्शनी?
- उषा प्रियदर्शनी गुरुग्राम की निवासी हैं।
- वे लंबे समय से सामाजिक एवं महिला कल्याण गतिविधियों से जुड़ी रही हैं।
- भाजपा संगठन और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
- सरकार ने उन्हें महिला अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में अनुभव को देखते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी है।
उपाध्यक्ष और सदस्य भी नियुक्त
सरकार ने आयोग के पुनर्गठन के तहत:
- 1 उपाध्यक्ष
- 5 सदस्य
की नियुक्ति की है। रिपोर्ट्स के अनुसार भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री मीना परमार को उपाध्यक्ष बनाया गया है।
रेणु भाटिया ने क्यों दिया इस्तीफा?
रेणु भाटिया ने 9 जून 2026 को मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। उन्होंने सार्वजनिक रूप से “निजी कारणों” का हवाला दिया, लेकिन उनके हालिया बयान को लेकर विवाद भी चर्चा में रहा। इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई गईं।
विवाद क्या था?
रेणु भाटिया के एक बयान, जिसमें बेटियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर टिप्पणी की गई थी, पर कई सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई थी। बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। हालांकि उन्होंने बाद में अपना पक्ष स्पष्ट किया, लेकिन विवाद लगातार बढ़ता गया।
महिला आयोग की भूमिका
हरियाणा राज्य महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, महिला उत्पीड़न के मामलों की सुनवाई, सरकार को सुझाव देने और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों की निगरानी का कार्य करता है। नई टीम से महिलाओं से जुड़े मामलों के तेजी से निपटारे की उम्मीद की जा रही है।
| पद | नाम |
|---|---|
| चेयरपर्सन | उषा प्रियदर्शनी |
| पूर्व चेयरपर्सन | रेणु भाटिया |
| इस्तीफा | 9 जून 2026 |
| नई नियुक्ति | 12 जून 2026 |
| आयोग में सदस्य | 5 |
| उपाध्यक्ष | मीना परमार (रिपोर्ट्स के अनुसार) |
