आज 08 जून 2026 को अंतरिक्ष मौसम से जुड़ी एक बड़ी और बेहद दिलचस्प खबर सामने आई है। सूर्य से निकले एक शक्तिशाली Coronal Mass Ejection यानी CME के कारण पृथ्वी पर G3 श्रेणी का geomagnetic storm असर डाल सकता है। NOAA के Space Weather Prediction Center ने 08 जून के लिए G3 geomagnetic storm watch और 09 जून के लिए G2 watch जारी की है।
सबसे खास बात यह है कि इस solar storm के कारण भारत के कुछ उत्तरी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दुर्लभ Aurora यानी आसमान में रंगीन रोशनी दिखाई देने की संभावना चर्चा में है। आमतौर पर Aurora ध्रुवीय क्षेत्रों में दिखाई देती है, इसलिए भारत जैसे देश में इसका दिखना अपने आप में असाधारण घटना माना जाएगा।
Solar Storm क्या होता है?
Solar Storm तब बनता है जब सूर्य की सतह से भारी मात्रा में charged particles और magnetic energy अंतरिक्ष में निकलती है। जब यह ऊर्जा पृथ्वी के magnetic field से टकराती है, तो geomagnetic storm बन सकता है।
सरल भाषा में समझें तो सूर्य से निकली ऊर्जा पृथ्वी के चुंबकीय कवच से टकराकर वातावरण में हलचल पैदा करती है। इसी प्रक्रिया के दौरान आसमान में हरे, लाल, नीले या बैंगनी रंग की चमक दिखाई दे सकती है, जिसे Aurora कहा जाता है।
भारत में Aurora दिखना क्यों बड़ी बात है?
Aurora आमतौर पर आर्कटिक, अंटार्कटिक, नॉर्वे, कनाडा, आइसलैंड, अलास्का जैसे ऊंचे अक्षांश वाले क्षेत्रों में दिखाई देती है। भारत में इसका दिखना बहुत दुर्लभ है, क्योंकि भारत भूमध्य रेखा के अपेक्षाकृत नजदीक है।
ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार solar storm इतना मजबूत हो सकता है कि Aurora सामान्य से ज्यादा दक्षिणी अक्षांशों तक दिखाई दे। भारत में खासतौर पर लद्दाख, हानले और हिमालयी क्षेत्रों में आसमान साफ होने पर हल्की auroral glow देखने की संभावना जताई जा रही है।
क्या यह खतरनाक है?
आम लोगों के लिए यह घटना सीधे तौर पर खतरनाक नहीं है। लेकिन strong geomagnetic storm का असर कुछ तकनीकी प्रणालियों पर पड़ सकता है। NOAA के अनुसार G3 स्तर के storm में power systems में voltage correction की जरूरत पड़ सकती है और satellite navigation या low-frequency radio navigation में intermittent problems आ सकती हैं।
इसका मतलब यह नहीं कि हर जगह मोबाइल, इंटरनेट या बिजली बंद हो जाएगी। लेकिन satellite communication, GPS accuracy, radio signals और aviation-related systems पर वैज्ञानिक एजेंसियां निगरानी रखती हैं।
वैज्ञानिकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?
यह घटना वैज्ञानिकों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सूर्य इस समय अपनी सक्रिय अवस्था के आसपास है। Solar Cycle 25 के दौरान पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े solar flare और CME देखे गए हैं। 2024 में भी एक शक्तिशाली geomagnetic storm ने दुनिया के कई हिस्सों में सामान्य से नीचे अक्षांशों पर aurora दिखाया था।
भारत के लिए यह अवसर इसलिए भी खास है क्योंकि देश का अपना solar observation mission Aditya-L1 सूर्य और solar activity से जुड़े अध्ययन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे solar storms से मिलने वाला डेटा भविष्य में satellite safety, communication systems और space weather forecasting को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
आम लोगों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
अगर आप उत्तरी भारत के पहाड़ी या ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हैं, खासकर लद्दाख जैसे साफ और कम light pollution वाले इलाकों में, तो रात के समय आसमान में असामान्य हल्की रंगीन चमक दिखाई दे सकती है। इसे देखने के लिए खुले आसमान, कम रोशनी और साफ मौसम की जरूरत होगी।
फोटोग्राफी के लिए मोबाइल कैमरे की night mode setting या DSLR long exposure mode ज्यादा उपयोगी हो सकता है। कई बार Aurora आंखों से बहुत हल्की दिखती है लेकिन कैमरे में बेहतर कैद हो जाती है।
