अंबाला। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने अंबाला में मीडिया से बातचीत के दौरान CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) को लेकर तीखी टिप्पणी की। अपने बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले विज ने कहा कि CJP की स्थिति ऐसी हो गई है कि उसे कोई गंभीरता से नहीं लेता।
मीडिया से बातचीत में अनिल विज ने कहा,
“जिस तरह कॉकरोच को छोटा बच्चा भी कुचल देता है, उसी तरह CJP को भी कोई नहीं पूछता। ये लोग केवल अपनी अहमियत बढ़ाने और चर्चा में बने रहने की कोशिश कर रहे हैं।”
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विज ने आरोप लगाया कि कुछ संगठन केवल सुर्खियां बटोरने के लिए विवादित मुद्दों को उछालते रहते हैं और जनता अब उनकी वास्तविकता को समझ चुकी है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद चर्चा में आई CJP
बता दें कि CJP इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। 6 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर संगठन ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन में छात्रों, युवाओं और अभिभावकों समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान CJP ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। संगठन का कहना था कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन के बाद CJP राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। ऐसे में अंबाला में जब अनिल विज से CJP को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने अपने ही अंदाज में तीखी प्रतिक्रिया दी।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
अनिल विज के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बता रहे हैं। हालांकि, CJP की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हरियाणा की राजनीति में बढ़ी हलचल
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अनिल विज का यह बयान आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का मुद्दा बन सकता है। हरियाणा की राजनीति में पहले से ही विभिन्न मुद्दों को लेकर बयानबाजी का दौर जारी है और ऐसे में विज की यह टिप्पणी राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकती है।
फिलहाल, CJP के हालिया आंदोलन और अनिल विज की तीखी टिप्पणी दोनों ही राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में बने हुए हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अन्य राजनीतिक दलों और संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं।
