एयर मार्शल जीतेन्द्र मिश्रा का पूरा परिचय: ऑपरेशन सिंदूर में भूमिका से राम मंदिर के CEO बनने तक

jeetendra-mishra-biography-operation-sindoor-ram-mandir-ceo

1. कौन हैं जीतेन्द्र मिश्रा?

एयर मार्शल (रिटायर्ड) जीतेन्द्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के बेहद अनुभवी फाइटर पायलट और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी रहे हैं। उन्होंने लगभग 38 वर्षों तक भारतीय वायुसेना में सेवा की और 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए।

उनका जन्म उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में हुआ। वे:

  • 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन हुए।
  • National Defence Academy (NDA), पुणे के पूर्व छात्र हैं।
  • Air Force Test Pilots School, बेंगलुरु से प्रशिक्षण लिया।
  • अमेरिका के Air Command and Staff College में अध्ययन किया।
  • ब्रिटेन के Royal College of Defence Studies में भी प्रशिक्षण लिया।
  • उनके पास 3,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है।
  • उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के फाइटर, ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टर उड़ाए।

वह Fighter Combat Leader और Experimental Test Pilot भी रहे हैं। उनके करियर में फाइटर स्क्वाड्रन की कमान, टेस्ट पायलट और एयर फोर्स के महत्वपूर्ण रणनीतिक पद शामिल रहे।

2. पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख बने

1 जनवरी 2025 को जीतेन्द्र मिश्रा ने भारतीय वायुसेना की Western Air Command (WAC) के Air Officer Commanding-in-Chief यानी प्रमुख का पद संभाला।

Western Air Command भारत की पश्चिमी दिशा में वायु अभियानों और महत्वपूर्ण एयरबेस की जिम्मेदारी संभालती है। इसके दायरे में पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के महत्वपूर्ण क्षेत्र आते हैं।

इसी पद पर रहते हुए उनके सामने 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच सबसे महत्वपूर्ण सैन्य घटनाओं में से एक आई—ऑपरेशन सिंदूर


3. ऑपरेशन सिंदूर क्या था?

ऑपरेशन सिंदूर भारत द्वारा 7 मई 2025 को शुरू किया गया एक सैन्य अभियान था।

इसका मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में मौजूद आतंकवादी ढांचे और आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद की गई।

पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक शामिल था।

भारत सरकार के अनुसार, इस हमले के पीछे पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी नेटवर्क का हाथ था।


4. 7 मई 2025 की रात क्या हुआ?

भारत ने 7 मई 2025 की रात करीब 1:05 से 1:30 बजे के बीच ऑपरेशन सिंदूर के तहत कार्रवाई की।

सरकारी जानकारी के अनुसार:

9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।

भारत ने स्पष्ट किया कि शुरुआती कार्रवाई में पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को लक्ष्य नहीं बनाया गया, बल्कि आतंकवादी infrastructure को निशाना बनाया गया था।

भारत सरकार ने इसे focused, measured और non-escalatory कार्रवाई बताया।


5. जीतेन्द्र मिश्रा का ऑपरेशन सिंदूर में क्या रोल था?

यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है।

जीतेन्द्र मिश्रा उस समय Western Air Command के Air Officer Commanding-in-Chief थे।

इसलिए उनका काम किसी एक लड़ाकू विमान को उड़ाकर हमला करना नहीं था, बल्कि पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय वायु अभियानों की उच्च-स्तरीय कमान, योजना, समन्वय और संचालन से जुड़ा था।

रिपोर्टों के अनुसार वह ऑपरेशन सिंदूर के प्रमुख सैन्य planners और commanders में शामिल थे।

उनकी जिम्मेदारियों में broadly शामिल था:

  • हवाई अभियानों की operational planning
  • विभिन्न एयरबेस और सैन्य संसाधनों का समन्वय
  • Fighter aircraft और air-defence assets की operational readiness
  • पश्चिमी क्षेत्र में air operations की command
  • भारतीय वायुसेना की air defence और offensive capabilities का समन्वय
  • Army और अन्य सैन्य इकाइयों के साथ coordination

इसी भूमिका के लिए उन्हें ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों में शामिल किया गया और बाद में उन्हें Sarvottam Yudh Seva Medal (SYSM) से सम्मानित किया गया।

महत्वपूर्ण बात

यह कहना अधिक सही है कि जीतेन्द्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर की पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व किया, न कि यह कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से किसी एक विमान से सभी हमले किए।


6. उन्हें कौन-सा बड़ा सैन्य सम्मान मिला?

ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका के लिए जीतेन्द्र मिश्रा को Sarvottam Yudh Seva Medal मिला।

यह युद्ध, संघर्ष या hostilities के दौरान असाधारण स्तर की विशिष्ट सेवा के लिए दिए जाने वाले भारत के सर्वोच्च सैन्य सेवा सम्मानों में से एक है।

उनके पास इससे पहले भी:

  • Ati Vishisht Seva Medal (AVSM)
  • Vishisht Seva Medal (VSM)

जैसे सम्मान रहे हैं।


7. ऑपरेशन सिंदूर में S-400 की भूमिका और जीतेन्द्र मिश्रा

ऑपरेशन के बाद जीतेन्द्र मिश्रा ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा कीं।

उनके अनुसार पाकिस्तान ने भारत के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की लोकेशन पता लगाने की कोशिश की थी और इसके लिए कथित तौर पर अपने intelligence network और sleeper cells का इस्तेमाल किया।

मिश्रा के अनुसार S-400 के कारण पाकिस्तानी fighter aircraft को भारतीय सीमा के काफी करीब आने से रोकने में महत्वपूर्ण मदद मिली।

यह जानकारी उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद दिए गए इंटरव्यू में साझा की थी।


8. ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक रात का अभियान था?

नहीं।

7 मई की शुरुआती कार्रवाई के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और सैन्य कार्रवाई कई दिनों तक चली।

पाकिस्तान की ओर से ड्रोन, मिसाइल और artillery attacks किए गए तथा भारत ने भी जवाबी सैन्य कार्रवाई की।

सरकारी विवरण के अनुसार 10 मई 2025 को शाम 5 बजे दोनों पक्षों ने जमीन, हवा और समुद्र में सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनाई।

इसलिए ऑपरेशन सिंदूर को केवल 7 मई की रात की strike के रूप में देखना पूरी तस्वीर नहीं देता।


9. ऑपरेशन सिंदूर का नाम “सिंदूर” क्यों?

“सिंदूर” नाम को पहलगाम हमले में मारे गए परिवारों और विशेष रूप से उन महिलाओं से जोड़ा गया जिन्हें अपने पति खोने पड़े।

भारत सरकार और सार्वजनिक विमर्श में इसे शहीद हुए परिवारों के दुख और उनके सम्मान के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया।


10. जीतेन्द्र मिश्रा का Kargil War से भी संबंध

जीतेन्द्र मिश्रा का सैन्य करियर ऑपरेशन सिंदूर से काफी पुराना है।

Kargil युद्ध के दौरान वह उस टीम का हिस्सा रहे जिसने Mirage-2000 पर laser-guided bombs को operationalise करने में भूमिका निभाई थी। इन हथियारों का इस्तेमाल Kargil युद्ध में महत्वपूर्ण लक्ष्यों के विरुद्ध किया गया था।

इस वजह से उनके सैन्य करियर में Kargil से Operation Sindoor तक लगभग चार दशकों की operational experience दिखाई देती है।


11. अब राम मंदिर के CEO क्यों बनाए गए?

2 सितंबर 2026 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जीतेन्द्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला पूर्णकालिक Chief Executive Officer (CEO) नियुक्त किया।

रिपोर्टों के अनुसार CEO के चयन के लिए 5,585 applications में से प्रक्रिया के बाद तीन उम्मीदवारों की shortlist तैयार हुई और अंततः जीतेन्द्र मिश्रा का चयन किया गया।

उनके सामने अब सैन्य अभियान नहीं बल्कि:

  • राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था
  • बड़े स्तर के operations का management
  • वित्तीय और प्रशासनिक निगरानी
  • विभिन्न व्यवस्थाओं में coordination
  • मंदिर परिसर से जुड़े operational affairs

जीतेन्द्र मिश्रा की पूरी प्रोफाइल एक नजर में

जानकारीविवरण
नामएयर मार्शल जीतेन्द्र मिश्रा (रिटायर्ड)
जन्म/संबंधदेवरिया, उत्तर प्रदेश
IAF में कमीशन6 दिसंबर 1986
सेवालगभग 38 वर्ष
विशेषज्ञताFighter Pilot, Fighter Combat Leader, Experimental Test Pilot
उड़ान अनुभव3,000+ घंटे
प्रमुख कमानWestern Air Command
WAC प्रमुख बने1 जनवरी 2025
Operation SindoorWestern Air Command के प्रमुख
Operation Sindoorमई 2025
प्रमुख सम्मानSarvottam Yudh Seva Medal
अन्य सम्मानAVSM, VSM
IAF से रिटायरमेंट30 अप्रैल 2026
नया पदराम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO
नियुक्ति2 सितंबर 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *